वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल की ओर से समस्त आचार्यजनों, गुरुओं एवं शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं और अभिनंदन दिया गया। प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो एक साधारण बालक को जिम्मेदार नागरिक बनाने का सामर्थ्य रखते हैं।
उन्होंने कहा कि यह दिन हमें भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षाओं और आदर्शों की याद दिलाता है। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा साधन माना और सदैव ज्ञान, विवेक तथा नैतिकता को प्राथमिकता दी। राष्ट्रीय लोकदल का मानना है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और समाज को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज की आत्मा का निर्माण करता है। वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब शिक्षक ही विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार कर सकते हैं। वे दीपक की भांति स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज और सरकार की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि शिक्षकों को उचित सम्मान और सुविधाएं प्रदान की जाएं। राष्ट्रीय लोकदल शिक्षकों के योगदान को नमन करता है और यह संकल्प दोहराता है कि पार्टी हर स्तर पर शिक्षा और शिक्षकों की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।