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मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब ने सजायी मो. रफी जन्मदिन पर महफिल

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मोहम्मद रफी की आवाज में वो जादू था जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है उनकी गायिकी में एक ऐसा जादू था जो दिल को छू जाता था। मुख्य अतिथि के रूप मे ये बातें पूर्व सांसद दाऊद अहमद ने कही। उन्होंने कहा कि रफी के जैसा ना कोई हुआ और ना ही कोई होगा। मोहम्मद रफी का नाम तो हमेशा भारतीय संगीत में अमर रहेगा। उनके गाए हुए गाने आने वाली कई पीढियों तक संगीत प्रेमियों के दिल को छूती रहेंगी।
इस अवसर पर अतहर नबी ने रफी साहब की यादो को ताजा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर फख्र है कि रफी साहब को उन्होंने लखनऊ में बुलाया था और उनकी विनम्रता की बात कहते हुए वह काफी भावुक हो गये। वासिफ फारूकी ने कहा कि उन्होंने रफी साहब को रू-ब-रू सुना है और उनकी विनम्रता का आलम ये था कि उन्होंने उस वक्त की महफिल में अपने नगमों से पहले महेन्द्र कपूर के नगमों को गाया था। कार्यक्रम का आयोजन मोहम्मद अली साहिल, खुर्शीद खान राजू और बिलाल सहारनपुरी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अन्तर्राष्ट्रीय शायर वासिफ फारूकी ने की।
कार्यक्रम में मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब की प्रभारी मंजू श्रीवास्तव भी उपस्थित रही । इस मौके पर शहर के संगीत प्रेमियों और रफी साहब के चाहने वालों ने उन्हें दिल से याद करते हुए सुना और केक भी काटा। मोहम्मद रफी साहब के 100वें जन्मदिन पर उमराव जान रेस्टोरेंट एण्ड कैफे, कैसरबाग, मे लखनऊ के मशहूर सिंगर प्रदीप अली और आकांक्षा ने रफी साहब के सदाबहार गीतों- मुझको मेरे बाद जमाना ढूंढेगा, याद न आये बीते दिनों की, ये रेशमी जुल्फें जैसे अनेक गीतों को सुनाकर महफिल में चार चांद लगा दिये, जिसको उपस्थित जन-समूह द्वारा बेहद सराहा गया। शायर व पूर्व पुलिस अधिकारी मोहम्मद अली साहिल ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह आज जहाॅं दुनिया भर में हर दिल अजीज सिंगर मोहम्मद रफी साहब का 100वाॅं जन्म दिन मनाया जा रहा है, वहीं लखनऊ को भी उनका जन्म दिन मनाने का गौरव प्राप्त हुआ है। मुम्बई से आये असलम खान ने अपने सम्बोधन में कहा कि एक दौर में जब किशोर कुमार का नजराना 50 हजार था, तब मात्र 5 हजार रूपये में रफी साहब लखनऊ में तशरीफ लाये, इससे रफी साहब की शख्सियत और विनम्रता का अन्दाजा लगाया जा सकता है। कार्यक्रम में शायर मलिकजादा जावेद, अहमद जमाल, आमिर मुख्तार, अतहर नबी, कमर अली, अरशद आजमी, वसीम हैदर, परवेज मलिकजादा, एड0 सलाउददीन, मेराज हैदर, एड0 आरिफ हाशमी, एड0 अनल्प चन्द्रा, अब्दुल कादिर, अरविन्द सिंह, कलीम अहमद, इरशाद अहमद, अजीज सिददीकी, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, मुर्तजा सिददीकी, नूर आलम, अहसन रईस, शकील सिददीकी, जुबैर खान, मारिया आलम आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आर0जे0 अनवारूल हसन ने किया। कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल शायर व पूर्व पुलिस अधिकारी मोहम्मद अली साहिल, मशहूर शायर बिलाल सहारनपुरी और न्यूज टाइम नेशन के संपादक खुर्शीद खान राजू के द्वारा किया गया।

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