वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
सुल्तानपुऱ। जनपद सुल्तानपुऱ के हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि पांचोपीरन दरगाह में लगने वाला मेला हिंदुओं के अपमान का प्रतीक है। अगर इसे तत्काल रोकने का आदेश नहीं दिया गया तो हिंदूवादी संगठन सीधी कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
संभल, बहराइच के बाद अब मुस्लिम आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी के पांच सिपहसालारों की सुल्तानपुर स्थित कब्रगाह पांचोपीरन में लगने वाले सावनी मेला पर हिंदूवादी संगठनों ने प्रश्न उठा दिया है। शनिवार को इन संगठनों ने सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट में सैय्यद सालार गाजी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा, जिसके जरिये शहर में गोमती किनारे स्थापित पांचोपीरन दरगाह में हर साल सावन माह में लगने वाले सावनी मेले को हिंदू अपमान का प्रतीक बताते हुए इसपर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
बताते चलें कि यूपी के सुल्तानपुर शहर में गोमती के दक्षिणी तट पर सैकड़ों साल पुरानी पांचोपीरन दरगाह है। सरकारी अभिलेखों व जनश्रुतियों के अनुसार इस दरगाह में मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी के भांजे सैय्यद सालार मसूद गाजी के सिपहसालारों की कब्रे हैं जिन्हें तत्कालीन कुशपुर के भर राजा नंदकुंवर ने मार गिराया था। इसी दरगाह पर हर साल सालाना उर्स व सावनी मेला लगता है। बताते हैं कि सावनी मेला कुशपुर के अंतिम हिंदू शासक राजा नंदकुंवर पर मुस्लिम आक्रांता खिलजी की विजय के उल्लास व हिंदुओं के अपमान का प्रतीक है। जिसके विरोध में गौरक्षा वाहिनी प्रमुख सर्वेश सिंह की अगुवाई में विश्व हिंदू महासंघ व विहिप आदि हिंदूवादी संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। श्गाजी-पाजीश् के नारे खूब लगाए गए।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विदुषी सिंह को सौंपा जिसमें तत्काल पांचोपीरन के सालाना उर्स व सावनी मेले पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आवश्यक कदम शीघ्र नहीं उठाए गए तो हिंदूवादी संगठन सीधी कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष कुंवर दिनकर प्रताप सिंह, गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश सिंह आदि लोग मौजूद रहे।