वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ 6 से 8 मार्च 2025 तक अपने मुख्य परिसर में वार्म (वुमेन इन अकेडमिया , रिसर्च, एंड मैनेजमेंट) सम्मेलन के तीसरे संस्करण का आयोजन कर रहा है।
वार्म-एस्ट 2025 (वुमेन इन अकेडमिया, रिसर्च, एंड मैनेजमेंट फॉर इंपावारिंग सक्सेसफुल ट्रांसफोरमेशन) नामक यह सम्मेलन अनुसंधान और शिक्षा में महिलाओं की प्रतिभागिता को शामिल करने हेतु प्रेरित करने पर केंद्रित होगा। सम्मेलन में महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों के नेतृत्व में तकनीकी और ट्रांसलेशनल डेवलपमेंट पर प्रकाश डाला जाएगा।इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रमुख शोधकर्ताओं द्वारा तकनीकी सत्र, मुख्य संबोधन, युवा शोधकर्ताओं, प्रौद्योगिकीविदों और उद्यमियों के लिए फ्लैश वार्ता और छात्रों के लिए पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल होंगी। पैनल चर्चा और गोलमेज सत्र फंडिंग एजेंसियों के लिए कैरियर मार्गदर्शन और मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे। वार्म-एस्ट 2025 से मूल्यवान नेटवर्किंग अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे प्रतिभागियों को पेशेवरों और साथियों से जुड़ने तथा सार्थक सहयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
सम्मेलन की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता चैहान होंगी, तथा विशिष्ट अतिथि पद्मश्री सुश्री विजयलक्ष्मी देशमाने, प्रोफेसर एवं पूर्व निदेशक, किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी, बेंगलुरु होंगी। समारोह में प्रसिद्ध कजरी लोक गायिका पद्मश्री सुश्री उर्मिला श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिती होंगी, तथा सीएसआईआर- केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन सत्र की अध्यक्षता करेंगी।
सम्मेलन के विषय क्षेत्रों में शामिल होंगे: हेल्थ, एनवायरनमेंट – रेगुलेटरी (HER), जर्नी इन साइंस, शोकेसिंग हर एंटर्पि्रन्यरशिप (SHE) फॉर सक्सेस, ट्रान्स्फोर्मिंग – इम्पाव्रिंग फॉर सक्सेसफुल ट्रांसलेशन (TEST) तथा वुमेन लीड इंस्पायरिंग इंक्लुसन नेटवर्किंग (WIIN)।
पैनल चर्चा-अकेडमिया, गवर्नमेंट – इंडस्ट्री लीडरशिप (एजाईल), गवर्नमेंट, रिसर्च, अकेडमिया – इंडस्ट्री नेटवर्किंग (ग्रेन) और डिस्सेमिनेशन ऑफ एडुकेशनल, साइंस बेस्ड इन्फोर्मेशन रेलेवेंट टू सोसाइटी (डिजायर्स) पर केंद्रित होंगी।
उल्लेखनीय है कि उद्घाटन सम्मेलन, वार्म-फोस्ट (2023), खाद्य सुरक्षा, विषविज्ञान और तकनीकी विकास पर केंद्रित था, जबकि दूसरा सम्मेलन, वार्म-थ (2024) ने विष विज्ञान, लिंग-विशिष्ट स्वास्थ्य और कल्याण तथा उभरते अनुसंधान रुझानों पर जोर देने के लिए अपने दायरे का विस्तार किया। इस वर्ष अनुसंधान प्रगति, उभरते रुझानों तथा पर्यावरण विज्ञान एवं संबंधित क्षेत्रों में महिला वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया जाएगा।