वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। महाकुंभ में मौनी अमावस्या के बाद बढ़ती हुई भीड़ के बीच साइबेरियाई पक्षियों (Siberian birds) ने भी गंगा की लहरों पर जमावड़ा लगा लिया है। जिससे कि श्रद्वालुओं के बीच साइबेरियाई पक्षी ;ैपइमतपंद इपतके) भी चर्चा का विषय बन गए हैं।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के बाद एक बार फिर भीड़ बढ़ने लगी है। एक तरफ संगम किनारे जहां नावों का रेला है तो दूसरी तरफ घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इन सब के बीच साइबेरियाई पक्षी (Siberian birds) गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के पास चार चांद लगा रहे हैं। ऐसे में ये पक्षी लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बन गए हैं।
बताते चलें कि साइबेरियाई पक्षी, साइबेरिया से आने वाले प्रवासी पक्षी होते हैं। ये पक्षी हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके भारत आते हैं। प्रयागराज में ये पक्षी अक्टूबर के आखिरी से आने शुरू हो जाते हैं और ठंड तक रहते हैं। इनका अधिकतर जमावड़ा संगम के आस-पास ही होता है। ये पक्षी सर्दियों के मौसम में भारत आते हैं और झुंड बनाकर रहते हैं। ये पक्षी दिन भर लगभग भोजन करते हैं और अपनी आवाज से लोगों को आकर्षित करते हैं। इनके मस्तिष्क की तंत्रिकाएं मनुष्य की तुलना में अधिक सक्रिय और सटीक होती हैं।