वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत “सक्षम सेंटर” नई उम्मीदों के केंद्र बनते जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में चल रही इस पहल ने महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है।
राज्यभर में अब तक 1900 सक्षम सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के प्रभावी संचालन के लिए 4695 सामुदायिक पेशेवर (कम्युनिटी प्रोफेशनल्स) की नियुक्ति की गई है, जो ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, डिजिटल दक्षता और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
सक्षम सेंटरों के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच, सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी, डिजिटल लेनदेन और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएँ अब अपने समुदाय में बीसी सखी, डिजिटल सेवा प्रदाता और सूक्ष्म उद्यमी के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने बताया कि आगामी समय में प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तरों पर सक्षम सेंटर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा, “सक्षम सेंटर केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आर्थिक भागीदारी की दिशा में एक ठोस कदम हैं।” इस पहल के चलते हजारों महिलाएँ अब आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवारों के साथ-साथ पूरे समुदाय को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। सक्षम सेंटर ग्रामीण उत्तर प्रदेश के आर्थिक उत्थान और महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बनते जा रहे हैं।