वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। दिवाली को लेकर अभी से सोने-चांदी के मार्केट में तेजी आ गई है। ऐसे में धंधेबाज भी अपनी दिवाली जगमग करने में जुट गए हैं। जिले के अलग-अलग गहना बाजारों में फर्जी हॉलमार्किंग के जरिए धंधेबाज अवैध सोने के जेवर खपा रहे हैं। रोजाना करीब सैकड़ों किलो सोने के आभूषण इधर से उधर किए जा रहे हैं। जिन पर एजेंसियों की नजर है। दरअसल, धंधेबाज भी जान गए हैं कि ग्राहकों को हॉलमार्क वाले आभूषणों की खरीदारी ही भा रही है। ऐसे में उन्होंने भी बीच का रास्ता निकाला है। अब अवैध सोने से बने आभूषणों को खपाने के लिए इसपर फर्जी हॉलमार्किंग लगवा दे रहे हैं। जबकि, बैंक से खरीदे सोने (जीएसटी फर्म पर) से तैयार आभूषणों पर फर्म के नाम से बने बिल (जीएसटी नंबर के साथ) वाली बिलिंग कर रहे हैं।
त्योहार के बीच ही इनपर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में अगर आप गहनों की खरीदारी कर रहे हैं तो पर्याप्त सावधानी बरतें। सूत्रों के मुताबिक, धंधेबाजों ने चोरी से खुद की दुकान पर ही हॉलमार्किंग मशीन लगाकर एचएम-750 बीआईएस का मार्का लगाकर आभूषण तैयार करना शुरू कर दिया है। दरअसल, धंधेबाज भी जान गए हैं कि ग्राहकों को हॉलमार्क वाले आभूषणों की खरीदारी ही भा रही है। ऐसे में उन्होंने भी बीच का रास्ता निकाला है। अब अवैध सोने से बने आभूषणों को खपाने के लिए इसपर फर्जी हॉलमार्किंग लगवा दे रहे हैं। जबकि, बैंक से खरीदे सोने (जीएसटी फर्म पर) से तैयार आभूषणों पर फर्म के नाम से बने बिल (जीएसटी नंबर के साथ) वाली बिलिंग कर रहे हैं। बीआईएस को इसकी जानकारी भी मिली है। इसका फायदा है कि अवैध सोने के आभूषणों को बैंक के भाव वाले दर पर ग्राहकों को बेच देते हैं। ग्राहक भी बैंक के भाव वाले दर से सस्ते के चक्कर में कच्ची पर्ची पर ही इस आभूषण को खरीद लेते हैं, लेकिन इसमें फायदा धंधेबाजों का ही होता है। जबकि, नियमानुसार ग्राहकों को पक्के पर्ची वाले बिल (जीएसटी बिल) ही दुकानदार से लेने चाहिए।
बीआईएस केयर एप से ग्राहक खुद कर सकते हैं जानकारी:
ग्राहक खुद अपने स्तर से ही तय कर सकते हैं कि गहने नकली तो नहीं। जैसे, ग्राहक किसी दुकानदार के पास गया। अगर दुकानदार बाजार भाव से कम पर आभूषण बेच रहा है तो पहले देखें कि बिलिंग पर्ची कैसी दी है। कच्ची है या पक्की। इसके बाद मोबाइल में बीआईएस केयर एप से ग्राहक हॉलमार्किंग की जांच खुद कर सकते हैं। शुद्धता जांचने के लिए ज्वेलरी का एचयूआईडी नंबर डालकर एप के वेरिफाई एचयूआईडी को जांचना होगा। बीआईएस की ओर से पंजीकृत दुकानदार होगा तो आईएसआई, हॉलमार्क और सीआरएस पंजीकरण चिह्नों की प्रामाणिकता एप पर दिख जाएगी।
त्योहार में बीआईएस ने दुकानदारों को दी बड़ी राहत:
त्योहार के बीच भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोने-चांदी के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। ये वे व्यापारी हैं, जिनका बीआईएस मानक पंजीकरण सस्पेंड हो गया था। वे फीस जमा कर फिर से अपने पंजीकरण को करवाने के चक्कर में थे। अब बीआईएस ने त्योहारों को देखते हुए उनके पूर्व के लाइसेंस नंबर की वैधता बढ़ा दी है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होगा। सिर्फ अपने बीआईएस हॉलमार्क नंबर के साथ जाकर अपने आभूषणों पर एचयूआईडी मार्का करा सकते हैं। एबी हॉलमार्किंग सेंटर के सीईओ पवन वर्मा ने बताया कि बीआईएस के इस फैसले से बहुत से व्यापारियों को राहत मिली है।
नेपाल में प्रति दस ग्राम 5 हजार रुपये अधिक का भाव:
इन दिनों नेपाल में सोने की तस्करी खूब हो रही है। गोरखपुर में सोने का भाव अगर 78 हजार रुपये प्रति दस ग्राम है तो नेपाल में इसका भाव भारतीय मुद्रा में 83 हजार रुपये होगा। ऐसे प्रति दस ग्राम 5 हजार रुपये अधिक के भाव से नेपाल में सोना खपाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों नेपाल से भारत में प्रवेश करने के बाद डीआरआई ने कुछ लोगों को अवैध सोने के साथ पकड़ा था। सूत्र ने बताया कि ये नेपाल से ही सोना खपाकर लौट रहे थे। इनके पास से बचे सोने और नकदी को एजेंसी ने पकड़ा था।