– बिजली व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ, अभी और सुधार किया जायेगा : चेयरमैन UPPCL
वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 2 अगस्त। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं के हित में प्रदेश में बिजली के दाम नहीं बढ़ाने जा रही है। उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है। कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को दी जा रही विद्युत आपूर्ति के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति के लिए प्रयास कर रही, उपभोक्ताओं से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे समय पर अपना बिजली का बिल जमा करें। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तथा सभी को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए शत-प्रतिशत राजस्व प्राप्त करना आवश्यक है। ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा आज होटल दयाल पैराडाइज, गोमती नगर में आयोजित विद्युत उपभोक्ता एवं जन-प्रतिनिधि सम्पर्क अभियान कार्यक्रम में यह बात कही।
ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि किसी को कोई शिकायत न हो, इसके लिए इस प्रकार का जन-प्रतिनिधि सम्मेलन पहली बार प्रदेश स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जन-प्रतिनिधियों के साथ उपभोक्ता भी अपने सुझाव एवं समस्याओं को रख सकते हैं, जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा अमल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों के सहयोग, सुझाव एवं प्रयास से ही प्रदेश को 24 घंटे बिजली मिलेगी। जन शिकायतों एवं जन- प्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये मुद्दों की अनदेखी पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3.25 करोड़ उपभोक्ता बिजली का लाभ ले रहे हैं, जो कि 25 करोड़ आबादी के सापेक्ष कम है। प्रदेश में कम से कम 5.50 करोड़ उपभोक्ता होना चाहिए। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं इसके सुधार में काफी कुछ किया जाना अभी बाकी है। सोमवार को सभी उपकेन्द्रों में SDO, Ex En, SE के स्तर से जनसुनवाई की जा रही है। मंगलवार को सभी CE एवं डिस्काम के MD द्वारा भी जनसुनवाई की जा रही है साथ ही टोल फ्री नं0-1912 में आयी शिकायतों का भी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है।
ACS ऊर्जा महेश कुमार गुप्ता ने कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार हेतु जन-प्रतिनिधियों और विद्युत अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके बेहतर परिणाम आएंगे।
चेयरमैन UPPCL डॉ0 आशीष कुमार गोयल ने कहा कि विद्युत कार्मिकों को व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ अपनी कार्य संस्कृति में भी बदलाव के लिए कार्य करना होगा। विद्युत व्यवस्था में वर्ष 2017 के बाद से अभूतपूर्व सुधार हुए हैं, इसमें और सुधार किया जायेगा।