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बालगृहों व मलिन बस्तियों में रह रहे बच्चों की सांस्कृतिक प्रतिभा को मिला मंच

– बच्चों ने दिखा दिया कि “हम भी…” कुछ कम नहीं हैं
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 11 दिसंबर। पिछले दो वर्षों से बच्चों को कोरोना ने घर में बंद रखा था। ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट (हम), चाइल्डलाइन लखनऊ व सेव द चिल्ड्रेन द्वारा बौ़द्ध शोध संस्थान गोमतीनगर, लखनऊ में ” हम भी…” सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर बच्चों को मंच पर आने का अवसर दिया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण, आश्रयगृहों व मलिन बस्तियों के ऐसे बच्चों ने प्रतिभाग किया जो पहली बार मंच पर आए, इन्हे हम-चाइल्डलाइन के स्वयंसेवकों व विशेष प्रशिक्षकों अपूर्वा, अंकिता, सुष्मिता, शिप्रा व गौरी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, इसी वर्ष ‘हम’ ने समाज सेवा के क्षेत्र में 25 वर्ष भी पूर्ण किए हैं।
सेव द चिल्ड्रेन की मैनेजर कैम्पेनस नार्थ रीजन अंजली सिंह ने बताया कि सेव द चिल्ड्रेन भारत का स्वतंत्र बाल अधिकार संस्था हैं जो 19 राज्यों में कार्यरत हैं । 2008 में बाल रक्षा भारत के रूप में पंजीकृत किया गया हैं, दुनिया में 120 देशों में कार्य करता हैं। ‘हम’ के अध्यक्ष अंशुमालि शर्मा ने बताया कि “हम भी…” का मुख्य लक्ष्य है कि कठिन परिस्थतियों में रह रहे बच्चों को उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु मंच दिया जाए, जिससे उनका व्यक्तित्व निखर सके और उनके आत्मसम्मान को बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम का संचालन आर.जे अपराजिता ने द्वारा किया गया। काकोरी के ग्रामीण क्षेत्र से आए दो नन्हें बालकों ने ‘जय गणेशा’ गाने पर आश्चर्यचकित कर देने वाली प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुवात की। नई आशा आशीर्वाद की बालिकाओं ने ईश्वर से कल्याण की कामना करते हुये मंगलाचरण किया और साथ ही अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन किया। राजकीय बलगृह शिशु के नन्हें बच्चों द्वारा किए गए ‘आल इज वेल’ ग्रुप डांस ने सभी के दिल को छू लिया और खूब तालियां बटोरीं । राजकीय बालगृह बालक के बच्चों ने ‘खी खी खू खा पेड़’ नाटक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि आपस में लड़ने से कोई समस्या का हल नहीं होता, प्रेम व सौहार्द ही मानवीय गुण व पहचान हैं । डॉन बास्को के बालकों ने ग्रुप सॉन्ग में अपनी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन किया । दृष्टि सामाजिक संस्थान के शारीरिक एवं मानसिक रूप से विशेष बच्चों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गीत गाया और ‘हेलो हेलो’ गाने पर डांस कर सभी को भाव विभोर कर दिया । नई आशा आशीर्वाद की बालिकाओं ने अपनी जैसी ही अन्य लड़कियों के मन की उड़ान और अपनी शक्ति का बखान करते हुये ओजस्वी नृत्य प्रस्तुत किया । पारा की एक बस्ती के बच्चों ने बालश्रम पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालश्रम पर विरोध प्रदर्शित किया,ये बच्चे सेव द चिल्ड्रन के चाइल्ड चैंपियंस है जो देश भर के बच्चों के साथ मिलकर इन्होंने एक मांग पत्र तैयार किया है जो यह आने वाले आगामी चुनाव है में राजनीतिक दलों व वर्तमान सरकार तक बच्चों की ये मांगे पहुचायेंगे, vote4children कैम्पेन के तहत। बच्चों की चार मुख्य मांगें है कि हर बच्चा सुरक्षित रहें, हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण मिले, हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिले, हर बच्चे की भागीदारी हो व गरीबी मुक्त हो।श्रमबिहार बस्ती के बच्चों ने ग्रुप डांस ‘छोटा बच्चा जान के’ , समूह में ‘तेरी पनाह में हमें रखना’ गाना भी गाया और रोबोटिक सोलो डांस के माध्यम से बस्ती में रहने वालों बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया और यह साबित कर दिया कि ‘हम भी…’ किसी से कम नहीं हैं ।
‘हम’ की सचिव डॉ. संगीता शर्मा ने विगत 25 वर्षों में किए गए जनहित कार्यों के बारे में बताया । संस्था द्वारा हजारों बच्चों, महिलाओं व जरूरतमंदों की मदद के अलावा 5121 लोगों को कोरोना से बचाव हेतु टीकाकरण भी कराया ।
इस अवसर पर बाल संरक्षण से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाए व हितधारकों ने बच्चों का उत्साह वर्धन किया और सभी बच्चों का मनोबल बढ़ाया । उक्त कार्य क्रम में सेव द चिल्ड्रेन, ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट व चाइल्डलाइन के समस्त सदस्यों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ।

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