वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 24 नवंबर। भाजपा के पास नफरत के सिवाय और कुछ नहीं है। वे इसी की राजनीति करते हैं। वे भाईचारा और गंगा जमुनी संस्कृति को खत्म करना चाहते है। भाजपा ने लोगों का हक और सम्मान छीना है और अपमानित किया है। इस बार सन् 2022 में होने वाला चुनाव ऐतिहासिक होगा। इसमें भाजपा की ऐतिहासिक हार होगी। इस उद्बोधन के साथ अखिलेश यादव आज लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) की जनवादी जनक्रांति महारैली को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के अध्यक्ष डॉ0 संजय चौहान ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि भाजपा को सबक सिखाने के लिए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। भाजपा वोट लेती है, हिस्सेदारी नहीं देती है। भाजपा सामाजिक न्याय नहीं चाहती है। अखिलेश जी ने हमारे समाज को सम्मान दिया है। भाजपा नहीं चाहती है कि चौहान समाज का कोई नेता हो।
श्री यादव ने कहा कि आज का नारा यही है कि ‘‘भाजपा हटाओ, प्रदेश बचाओ,‘‘ ‘‘नहीं चाहिए भाजपा।‘‘ इस सरकार से हर वर्ग के लोग दुःखी हैं।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ों की जाति जनगणना नहीं कराना चाहती है। वह उन्हें हक और सम्मान नहीं देना चाहती है। समाजवादी सरकार आने पर जाति जनगणना कराई जाएगी और चौहान समाज को भी उसके अधिकार मिलेंगे। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी सभी को जोड रही है। हमने कई दलों को जोड़ने का काम किया है। हमने कई रंगों को मिलाकर रंगीन गुलदस्ता बनाया है। सभी को जोड़कर प्रदेश का विकास करेंगे। भाजपाई एक रंगी लोग है, वे कभी खुशहाली नहीं ला सकते है। वे रंग और नाम बदलने वाली सरकार है। जनता ने भी इसको बदलने का मन बना लिया है।
प्रारम्भ में अखिलेश यादव ने सभास्थल पर भारी भीड़ और भीड़ में लहराते झंडो का जिक्र करते हुए उन्होंने जनसमुदाय से आग्रह किया कि वे लोग चुनाव के दिन एक वोट अपने अपमान का बदला लेने के लिए और साइकिल की रफ्तार बढ़ाने के लिए दें।
जनवादी जनक्रांति महारैली में जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के प्रदेश अध्यक्ष राम सुरेश चौहान, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब खान, एमएलसी उदयवीर सिंह तथा राम सागर यादव एवं श्री राम प्रकाश भी उपस्थित थे।