वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ गौतम सोनी/ गौरव सोनी
लखनऊ 5 नवम्बर। छठ पूजा पूर्वी भारत का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है बिहार। झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश अब तो महाराष्ट्र मध्यप्रदेश में भी बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है, यह दिवाली के बाद छठ पूजा का प्रारंभ होता है। संतान की प्राप्ति एवं उसके सुखी जीवन के लिए हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा होती है। यह व्रत मुख्यत: तीन दिनों का होता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा होती है, इसलिए इसे सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। हर वर्ष दिवाली से छठे दिन छठ पूजा का आयोजन होता है। इस वर्ष छठ पूजा 10 नवंबर दिन बुधवार को है। आइए संकलित जानकारियो के अनुसार इस वर्ष छठ पूजा की प्रमुख तारीखों के बारे में हम बता रहे है।
छठ पूजा 2021 कैलेंडर : –
08 नवंबर: दिन: सोमवार: नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ।
09 नवंबर: दिन: मंगलवार: खरना।
10 नंवबर: दिन: बुधवार: छठ पूजा, डूबते सूर्य को अर्घ्य।
11 नवंबर: दिन: गुरुवार: उगते हुए सूर्य को अर्घ्य, छठ पूजा समापन।
नहाय खाय: छठ पूजा का प्रारंभ नहाय खाय से होता है।
खरना: छठ पूजा का दूसरा दिन खरना होता है। खरना को लोहंडा भी कहा जाता है। खरना छठ पूजा का महत्वपूर्ण दिन होता है। खरना वाले दिन व्रत रखा जाता और रात में खीर खाकर फिर 36 घंटे का कठिन व्रत रखा जाता है। खरना के दिन छठ पूजा का प्रसाद बनाया जाता है।
छठ पूजा: खरना के अगले दिन छठी मैया और सूर्य देव की पूजा होती है। छठ पूजा के दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
छठ पूजा समापन: छठ पूजा का समापन अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हो जाता है। 36 घंटे का कठिन व्रत पारण के बाद पूर्ण किया जाता है।
लोक आस्था के इस पर्व को बेहद ही पावन तरीके से मनाने की परंपरा रही है। इस दौरान किसी भी छोटी गलती से बचना चाहिए। मान्यता है कि छठ पूजा में गलती करने से बुरे परिणाम भुगतने पड़ते हैं, इसलिए हर छोटी बात का ध्यान रखें।
छठ पूजा में न करें ये गलतियां-
परिवार में न करें किसी प्रकार का कलेश- छठ पूजा शुद्ध मन से की जाती है। नहाय-खाय से इसकी शुरुआत होती है जो खरना, छठ पूजा और छठ पूजा के दूसरे अर्घ्य तक चलती है। ध्यान रखें कि छठ पूजा के इन दिनों में घर में किसी प्रकार का कलेश न हो और परिवार वालों में ख़ुशी का माहौल रहे। किसी भी प्रकार के झगड़े से बचें वरना इससे छठ मईया रुष्ट हो जातीं हैं।
बिना हाथ धोएं न छुएं पूजा का सामान- छठ पूजा के समय सफाई का सबसे अधिक महत्त्व होता है। पूरे घर को साफ़-सुथरा रखें और कहीं भी गंदगी जमा न होने दें। छठ पूजा के सामान को घर में मंदिर के आस-पास ही साफ़ जगह पर रखें। पूजा के सामान को कभी भी बिना हाथ धोए न छुएं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजा के लिए प्रसाद वैसी जगह पर बनाएं जहां आप रोजाना खाना न बनाते हों।
प्याज लहसुन का सेवन बंद कर दें- छठ पूजा के दिनों में घर में प्याज लहसुन का सेवन बिलकुल बंद कर दें। घर के सभी सदस्यों को इसका पालन करना चाहिए वरना छठ मईया की कुदृष्टि का शिकार होना पड़ सकता है।
व्रत में न सोएं पलंग पर- व्रती लोग इस बात का खास ध्यान रखें कि वो पलंग, सोफे आदि पर न सोएं। मान्यता है कि इस दिन साफ़ जमीन पर चादर बिछाकर सोना शुभ फलदायी होता है।
इन सामग्रियों की कर लें तैयारी-
छठ पूजा में कई तरह की सामग्रियों की आवश्यकता होती है जिस कारण अक्सर लोग कई चीजें भूल जाते हैं। इसलिए अभी से ही छठ पूजा के सामग्री की लिस्ट तैयार कर लें। अपनी सामग्री लिस्ट में इन चीजों को करें शामिल- बांस की दो टोकरियां, सूप, पत्ते वाले पांच गन्ने, पानी वाले दो नारियल, दीपक, घी, पीला सिंदूर, चंदन, धूपबत्ती, अगरबत्ती, माचिस, कपूर, अक्षत, फूल, पान के पत्ते, सुपारी, पत्ते वाली मूली, हरे अदरक का पौधा, पत्ते वाली हल्दी, शकरकंदी, सुथरी और सभी फल।
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