वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लोकतंत्र सेनानियों, एक्सप्रेसवे और पत्रकारों के सम्मान संबंधी बयानों पर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने पलटवार किया। दोनों मंत्रियों ने सपा-कांग्रेस की राजनीतिक नजदीकी और सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान किया था। ऐसे में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस के साथ खड़े होकर लोकतंत्र की बात करना दोहरे चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनता भी इस राजनीतिक विरोधाभास को देख रही है। एक्सप्रेसवे को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान इसे परिवार के हितों के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके विपरीत उन्होंने योगी सरकार में प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का दावा किया।
पत्रकारों के सम्मान के मुद्दे पर भी अनिल राजभर ने सपा सरकार को घेरा और शाहजहांपुर में पत्रकार की हत्या का जिक्र करते हुए सपा के दावों पर सवाल उठाए। हालांकि उनके लगाए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं की गई है। दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि जिस कांग्रेस के शासन में आपातकाल लगाया गया, उसी के साथ सपा की राजनीतिक नजदीकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति के लिए अब लोकतंत्र सेनानियों की याद की जा रही है। एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर उन्होंने गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए योगी सरकार में बुनियादी ढांचे के विस्तार का दावा किया।
पत्रकारों के सम्मान पर दानिश आजाद ने भी शाहजहांपुर की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा की ओर से लोकतंत्र और पत्रकारिता के सम्मान की बात उसके पुराने कार्यकाल और वर्तमान राजनीतिक रुख के संदर्भ में देखी जानी चाहिए।