वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की ओर से संस्थान परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘वन ड्रॉप ऑफ ह्यूमैनिटी, गिव ब्लड, सेव लाइव्स’ रही। शिविर में चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य स्वयंसेवी रक्तदाताओं ने भाग लेकर 31 यूनिट रक्तदान किया।
इस अवसर पर संस्थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को प्रदेश में सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्तदान कराने के लिए स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC), उत्तर प्रदेश की ओर से तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विभाग ने इसे स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। शिविर का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सीएम सिंह, कार्यकारी कुलसचिव एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुब्रत चंद्रा और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) भुवन तिवारी की मौजूदगी में हुआ। रक्तदाताओं को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व की जानकारी दी गई और बताया गया कि रक्त की एक-एक बूंद जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनरक्षक हो सकती है।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) सीएम सिंह ने रक्तदाताओं और विभागीय टीम को बधाई दी। प्रो. (डॉ.) सुब्रत चंद्रा ने कहा कि सुरक्षित रक्त की उपलब्धता के लिए नियमित स्वैच्छिक रक्तदान जरूरी है। प्रो. (डॉ.) भुवन तिवारी ने कहा कि रक्त कृत्रिम रूप से तैयार नहीं किया जा सकता, इसलिए इसकी उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर है। आयोजन में डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. बृजेश, डॉ. पारुल और डॉ. मनोज समेत विभागीय टीम की भूमिका रही।