वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गौतम बुद्ध नगर। उप मुख्यमंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने गौतम बुद्ध नगर में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के खाद्य प्रसंस्करण सत्र में कहा कि सरकार ने इसी उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 लागू की है।
उन्होंने कहा कि किसानों को केवल कच्चे उत्पाद के विक्रेता तक सीमित रखने के बजाय उत्पादन से प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला से जोड़ा जाना चाहिए। इससे कृषि उत्पादों की बर्बादी कम होगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने गाजर उत्पादन और विपणन का उदाहरण देते हुए जिलों में उत्पाद-विशेष क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया।
मौर्य ने कहा कि गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विशेष ध्यान देकर शहद, मधुमक्खी पालन और अन्य खाद्य उत्पादों को यूरोप, अमेरिका और कनाडा जैसे बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से खाद्य प्रसंस्करण समेत विभिन्न क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने पर पुरुष उद्यमियों को 50 और महिला उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। जिला रिसोर्स पर्सन के माध्यम से संभावित उद्यमियों की पहचान और बैंकों के साथ समन्वय कर योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल करने में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होने से किसानों को बेहतर मूल्य, युवाओं को रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण लाभार्थियों को डेमो चेक और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप, हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा, विशेष सचिव राजकमल यादव समेत अधिकारी, जनप्रतिनिधि और उद्यमी मौजूद रहे।