वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित Uttar Pradesh International Trade Show (UPITS)-2026 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के नॉलेज सेशन में निवेश, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान विभाग ने 16 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। करीब 50 हजार अमेरिकी डॉलर के इन एमओयू से प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और निर्यात को बढ़ावा देने की पहल की गई।
उप मुख्यमंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के जरिये सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों की स्थापना, आधुनिकीकरण और विस्तार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पीएमएफएमई के तहत प्रदेश में करीब 28 हजार इकाइयों की स्थापना या उन्नयन हुआ है। इनमें लगभग 2200 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 1.50 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत पात्र इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी पर 35 प्रतिशत तक प्रोत्साहन और सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 580 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित हुई हैं। इनमें 5177.92 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और करीब 95 हजार रोजगार के अवसर बने हैं।
कार्यक्रम में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक, उद्यमिता तथा घरेलू और वैश्विक बाजार तक पहुंच के अवसरों की जानकारी दी। विभाग का जोर कृषि-बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण के साथ किसानों और उद्यमियों के लिए बाजार विस्तार पर है।