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लोक एवं जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा, संस्थान और सुभारती विश्वविद्यालय के बीच समझौता : जयवीर सिंह, मंत्री

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ और स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक कला, लोक परंपराएं और जनजातीय विरासत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित और प्रचारित करना समय की आवश्यकता है। समझौते के तहत दोनों संस्थाएं शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगी। इसके अंतर्गत संयुक्त रूप से कार्यशालाएं, सेमिनार, सांस्कृतिक उत्सव और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों के कौशल विकास, उनके कार्यों के दस्तावेजीकरण और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करेगी।
यह समझौता मंत्री जयवीर सिंह के आवास पर संपन्न हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा और संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। पूर्व में भी संस्थान द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ किए गए समझौते इसकी सक्रियता और सांस्कृतिक क्षेत्र में विस्तार को दर्शाते हैं।

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