वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। बहुजन समाज के महान नेता और कांशीराम की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने शनिवार को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संगोष्ठी आयोजित कर इसे सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। संगोष्ठी का संचालन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जय हिंद ने किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जय हिंद और अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन डॉ. राजेंद्र पाल गौतम द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज हम कांशीराम जी के संघर्ष, उनके सपनों और भारतीय राजनीति में उनके योगदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल चाहने से नहीं आता, बल्कि उसके लिए निरंतर प्रयास और संघर्ष करना पड़ता है। जब लोग गलत को गलत और सही को सही कहने का साहस करते हैं, तभी वास्तविक बदलाव संभव होता है।
उन्होंने कांशीराम के संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि वे समाज के 85 प्रतिशत वंचित और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। राहुल गांधी ने कहा कि आज भी देश में बड़ी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है और कांग्रेस पार्टी उस व्यवस्था को बदलने के लिए संघर्ष कर रही है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश की नीतियों में आम जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकार मांगने से नहीं मिलते, बल्कि उन्हें हासिल करने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। यह लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने की लड़ाई है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कांशीराम के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने का आह्वान किया।