वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। निर्बल विकास जन कल्याण सेवा संस्थान के तत्वावधान में फैजुल्लागंज स्थित शिविर कार्यालय पर संत शिरोमणि सद्गगुरु रविदास जी की 649वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के महासचिव रमेश सिंह रवि ने संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
महासचिव रमेश सिंह रवि ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास का जन्म काशी में माघ पूर्णिमा के दिन संवत 1433 को हुआ था। उन्होंने साधु-संतों की संगति से व्यवहारिक ज्ञान अर्जित किया और जूते बनाने के अपने व्यवसाय को पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ अपनाया। संत रविदास समता, सौहार्द और ऊंच-नीच के विरोध की विचारधारा के प्रबल समर्थक थे। वे समाज सुधारक, महान क्रांतिकारी और स्वतंत्र चिंतक थे। उनका मूल दर्शन था कि सभी मनुष्य समान हैं और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने जीवन भर समाज में व्याप्त कुरीतियों, विशेषकर जाति-पाति के विरोध में कार्य किया और जरूरतमंदों की सहायता को अपना स्वभाव बनाया। संत रविदास ने किसी पंथ की स्थापना नहीं की, लेकिन उनके अनुयायी देश के हर हिस्से में पाए जाते हैं। कार्यक्रम में रवि चौधरी, सोनू गौतम, नंदकिशोर यादव, कामता प्रसाद पाल, सुलेखा, मंजू गौतम, करिश्मा जाटव, खुशी पाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।