वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। गणतंत्र दिवस समारोहों की कड़ी में तीसरे दिन गुरुवार, 29 जनवरी को सायंकाल भव्य बीटिंग द रिट्रीट (परिसमाप्ति समारोह) का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक और सैन्य परंपराओं से जुड़ा यह समारोह सूर्यास्त के साथ राष्ट्र के प्रति सम्मान, अनुशासन और एकता का प्रतीक माना जाता है। ‘परिसमाप्ति समारोह’ की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जब युद्ध के दौरान बिगुल की धुन पर सूर्यास्त के साथ युद्धविराम की घोषणा की जाती थी और सैनिक अपने शस्त्र समेटकर शिविरों की ओर लौटते थे। इसी परंपरा के अनुरूप आज भी रिट्रीट वादन के समय स्थिर खड़े रहने की प्रथा प्रचलित है।
समारोह में सेना के पाइप एवं ड्रम बैंड, पीएसी के पाइप एवं ब्रास बैंड, आर्मी मिलिट्री बैंड तथा होमगार्ड ब्रास बैंड द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत मधुर और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। नगाड़ा वादन ने प्राचीन सैन्य परंपराओं की स्मृति को जीवंत कर दिया, जब नगरों और कस्बों में तैनात सैनिकों को सायंकाल शिविरों में लौटने का संकेत दिया जाता था।
मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दौरान मार्चिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टोलियों को सम्मानित किया। बेस्ट मार्चिंग कंटिन्जेंट (पैरामिलिट्री/पुलिस/होमगार्ड/पीआरडी/एसएसबी) में यूपी एटीएस कमांडो दल को प्रथम स्थान तथा बेस्ट बैंड कंटिन्जेंट में पीएसी 35वीं वाहिनी (पाइप बैंड) और यूपी होमगार्ड (ब्रास बैंड) को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
समारोह में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, पुलिस आयुक्त लखनऊ सहित शासन, सेना, पुलिस एवं अन्य बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।