वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रांत सह-संयोजक रजनीकांत ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा से भेंट कर विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई बकाया बिजली बिल समाधान योजना की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बकाया बिजली बिलों के मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट और पूर्ण ब्याज माफी की यह योजना आज़ाद भारत में पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा लागू की गई है, जिससे आम जनमानस को बड़ी राहत मिल रही है।
रजनीकांत ने आरोप लगाया कि इस जनकल्याणकारी योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी योजना का लाभ बताने के बजाय बिना संवेदनशीलता के लोगों के बिजली कनेक्शन काट रहे हैं। यहां तक कि यदि कोई उपभोक्ता यह जानकारी देता है कि उसके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती है या गंभीर स्थिति में है, तब भी उसे कोई राहत नहीं दी जा रही है, जो मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि कुछ षड्यंत्रकारी अधिकारी और कर्मचारी जानबूझकर ऐसी कार्यप्रणाली अपना रहे हैं, जिससे प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। रजनीकांत ने आरोप लगाया कि विशेष रूप से कार्यकर्ताओं और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों को चिन्हित कर उनके घरों की बिजली काटी जा रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
रजनीकांत ने मांग की कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके कार्यों की जांच कराई जाए। साथ ही उनके स्वयं के विद्युत कनेक्शनों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ ईमानदारी से जनता तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि नागरिक राहतकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।