वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नौ जनवरी को हुई घटना के बाद अब तक एफआईआर दर्ज न होने से नाराज पांचों संगठनों ने 13 जनवरी से हड़ताल पर जाने का एलान किया है। इसके चलते केजीएमयू की ओपीडी और सामान्य सेवाएं ठप रहेंगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। मंगलवार से विश्वविद्यालय में इलाज और प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि नौ जनवरी को कुलपति कार्यालय में बाहरी लोगों द्वारा हंगामा और कब्जे की घटना हुई थी। इस संबंध में उसी दिन प्रॉक्टर की ओर से तहरीर दी गई थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इससे संस्थान के डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर डॉक्टरों, कर्मचारियों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन की सोमवार को बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से हड़ताल का निर्णय लिया गया।
संगठनों का कहना है कि जब कुलपति कार्यालय ही सुरक्षित नहीं है, तो सामान्य डॉक्टर और कर्मचारियों की सुरक्षा की स्थिति और भी चिंताजनक है। इसलिए एफआईआर दर्ज होने तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रो. केके सिंह ने स्पष्ट किया कि ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
उधर, केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएंगी। उल्लेखनीय है कि पैथोलॉजी विभाग की एक महिला रेजिडेंट ने साथी रेजिडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया था। इस मामले में आरोपी निलंबित हो चुका है, लेकिन नौ जनवरी को हुए हंगामे के बाद अब भी एफआईआर न होने से आक्रोश बना हुआ है।