वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय से 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में लागू की गई पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा। कमिश्नरेट लखनऊ के छठे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण रहे। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ पुलिस की उपलब्धियों के पीछे अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद साइबर अपराध को तकनीकी प्राथमिकता देते हुए समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। साइबर ठगी के मामलों में धन की त्वरित रोकथाम और आईटी एक्ट से जुड़ी विवेचनाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण पर भी उन्होंने जोर दिया।
महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी कार्य कर रहे हैं। भविष्य की पुलिसिंग को उन्होंने स्मार्ट, संवेदनशील और जन-विश्वास आधारित बताया।
समारोह में साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दायित्वों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 150 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परिसर में बड़े खाने का आयोजन भी हुआ। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बीते छह वर्षों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ लखनऊ पुलिस ने जनविश्वास को मजबूत किया है।