वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सामने आए करीब 100 करोड़ रुपये की जीएसटी कर चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस संगठित गिरोह में सेंट्रल जीएसटी का एक इंस्पेक्टर भी शामिल पाया गया है। गाजियाबाद में दर्ज इस मामले में एसटीएफ पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अब दिल्ली में तैनात सीजीएसटी इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है। एसटीएफ उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
एसटीएफ के अनुसार गाजियाबाद के कविनगर थाने में दर्ज एफआईआर के तहत दिल्ली निवासी स्क्रैप कारोबारी हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस, जितेंद्र झा, पुनीत अग्रवाल और शिवम सिंह को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने बोगस फर्में बनाकर और फर्जी ई-वे बिल व इनवॉयस के जरिये लगभग सौ करोड़ रुपये की कर चोरी की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को विभागीय स्तर पर सहयोग मिल रहा था। तफ्तीश में खुलासा हुआ कि दिल्ली में तैनात सीजीएसटी इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल ने गिरोह की सक्रिय रूप से मदद की। आरोप है कि उसने सस्पेंड की गई बोगस फर्मों को बहाल कराने में भूमिका निभाई। पुनीत अग्रवाल की एडॉन ऑटोमोबाइल नामक फर्म को तीन महीने पहले सस्पेंड किया गया था, जिसे इंस्पेक्टर की मदद से फिर से रिस्टोर कराया गया। इसके बदले में उसे नकद रकम दी गई थी।
एसटीएफ को पुनीत के मोबाइल से अहम व्हाट्सएप चैट भी मिली है, जिसमें लेनदेन और फर्जीवाड़े से जुड़ी बातचीत दर्ज है। सीओ एसटीएफ प्रमेश शुक्ला ने बताया कि इंस्पेक्टर की संलिप्तता के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।