वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ और आईआईटी कानपुर के संयुक्त बायोडिज़ाइन कार्यक्रम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिज़ाइन–सिनर्ज़ाइजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SIB SHInE) को एक नवोन्मेषी चिकित्सा तकनीक के लिए पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह तकनीक “ए वेयरेबल सेंसर पैच फॉर ब्रेस्ट एब्नॉर्मैलिटी मॉनिटरिंग” के रूप में विकसित की गई है, जो स्तन स्वास्थ्य की प्रारंभिक पहचान और निरंतर निगरानी में सहायक होगी।
यह पेटेंट प्राप्त उपकरण नॉन-इनवेसिव और पहनने योग्य है, जिसे हल्के वजन के सेंसर पैच के रूप में डिजाइन किया गया है। इसे कई घंटों तक आसानी से स्तन पर लगाया जा सकता है और अंतर्वस्त्रों के नीचे भी बिना किसी असुविधा के पहना जा सकता है। इससे महिलाओं को अपनी दैनिक गतिविधियों के दौरान निरंतर स्वास्थ्य निगरानी की सुविधा मिलेगी। इस उपकरण की परिकल्पना SIB SHInE कोहोर्ट-1 के क्लिनिकल इमर्शन चरण के दौरान डॉ. पूजा रमाकांत के मार्गदर्शन में की गई। इस आवश्यकता की पहचान SIB SHInE की फेलो श्रेया नायर ने की, जिन्होंने डॉ. तुषार संधान, प्रोफेसर आईआईटी कानपुर के इंजीनियरिंग मार्गदर्शन में इसे एक कार्यशील प्रोटोटाइप का रूप दिया। श्रेया नायर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े स्टार्टअप ब्रेला इनोवेशन्स की संस्थापक भी हैं।
SIB SHInE के कार्यकारी निदेशक डॉ. ऋषि सेठी ने कहा कि यह पेटेंट KGMU और आईआईटी कानपुर के बीच सहयोग से विकसित बायोडिज़ाइन आधारित नवाचारों की सफलता को दर्शाता है। कुलपति प्रो. डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी और स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों के विकास में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। यह नवाचार रोगी देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।