वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही सुनिश्चित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल, गांव की समस्या गांव में समाधान, का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों के जरिए ग्रामीणों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
डबल इंजन सरकार की इस पहल से प्रशासन स्वयं गांव और गरीबों के पास पहुंच रहा है। ग्राम चौपालों के माध्यम से जहां गांवों में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ रही है, वहीं सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आई है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ठोस और प्रभावी रूपरेखा तैयार कर चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। चौपाल से पूर्व गांवों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश की 1326 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों में कुल 3295 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। आयोजन के दौरान 3295 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा 5599 ग्राम स्तरीय कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्राम चौपालों में 64 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 1 लाख 80 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 6 लाख से अधिक समस्याओं एवं प्रकरणों का समाधान गांव स्तर पर ही किया गया है।