वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। पौष पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व के साथ माघ मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। भोर से ही संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और लाखों कल्पवासियों व श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और हर हर गंगे के जयघोष से संगम क्षेत्र गूंजता रहा। प्रशासन के अनुसार पहले स्नान पर्व पर 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने की संभावना जताई गई है, जिससे यह माघ मेले का पहला प्रमुख और महत्वपूर्ण स्नान पर्व बन गया है।
इस वर्ष माघ मेला कुल 44 दिनों तक चलेगा। प्रशासन का अनुमान है कि इस दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु देश-विदेश से प्रयागराज पहुंचेंगे। करीब 20 लाख कल्पवासी 3 जनवरी से 1 फरवरी तक संगम तट पर रहकर कल्पवास करेंगे। कल्पवासियों की सुविधा के लिए संगम और आसपास के सभी प्रमुख घाटों को पूरी तरह तैयार किया गया है। अस्थायी टेंट सिटी, बिजली, पानी, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र में केवल आपात सेवाओं के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। अन्य श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल मार्गों से घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल के साथ-साथ एटीएस की भी व्यापक तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है, जिससे किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।