Breaking News

2025 में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, नक्सलमुक्त भारत की ओर बढ़ता देश

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। वर्ष 2025 भारत के आंतरिक सुरक्षा इतिहास में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होता दिख रहा है। दशकों से देश की आंतरिक स्थिरता के लिए चुनौती बने वामपंथी उग्रवाद पर इस वर्ष व्यापक और प्रभावी प्रहार हुआ। केंद्र सरकार की स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित अभियान और विकास आधारित रणनीति के चलते नक्सली गतिविधियों का दायरा सिमट गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 में जहां 182 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 11 रह गई है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या भी छह से घटकर तीन पर आ गई है। अकेले वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों ने 335 नक्सलियों को निष्क्रिय किया, 942 गिरफ्तारियां कीं और 2167 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। कई बड़े अभियानों में शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने और आत्मसमर्पण से संगठन की रीढ़ टूट गई है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लाभ अब जमीन पर दिखने लगे हैं। बस्तर, गढ़चिरौली और मोला-मनपुर जैसे इलाकों में पहली बार बिजली, सड़क, बैंकिंग, मोबाइल नेटवर्क और परिवहन सुविधाएं पहुंची हैं। स्कूल फिर से खुल रहे हैं और बाजारों में रौनक लौट रही है। पुनर्वास योजनाओं के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी तेज हुए हैं।
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। मौजूदा हालात और उपलब्धियों को देखते हुए यह लक्ष्य अब वास्तविक और प्राप्त करने योग्य प्रतीत हो रहा है। वर्ष 2025 को नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक वर्ष माना जा रहा है।

Check Also

मनोज पांडे : मंत्री पद तो मिला साथ ही बज गई खतरे की घंटी

– क्या भाजपा की बैसाखी पर मनोज पांडे की नैया पार लगेगी? कमल वर्मा / …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *