वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। भारतीय रिज़र्व बैंक की ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का प्रदर्शन लगातार सुदृढ़ रहा। इस अवधि में बैलेंस शीट विस्तार, ऋण वृद्धि, मुनाफ़े में सुधार, परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी आधार में मजबूती देखने को मिली। वित्त वर्ष 2025 में अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों की कंसॉलिडेटेड बैलेंस शीट 4.4 प्रतिशत बढ़ी, जबकि क्रेडिट ग्रोथ 6.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले छह वर्षों में सर्वाधिक है। डिपॉजिट ग्रोथ भी बढ़कर 5.2 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक कुल 1,457 अर्बन कोऑपरेटिव बैंक संचालित रहे, जिनमें टियर-1 बैंकों की हिस्सेदारी 57.5 प्रतिशत रही। कुल डिपॉजिट 5.84 लाख करोड़ रुपये और एडवांस 3.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे। परिसंपत्ति गुणवत्ता में लगातार चौथे वर्ष सुधार दर्ज किया गया और ग्रॉस एनपीए घटकर 6.2 प्रतिशत पर आ गया। नेट एनपीए 0.7 प्रतिशत रहा, जबकि प्राविजन कवरेज रेशियो 90 प्रतिशत से अधिक रहा।
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध लाभ में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे रिटर्न ऑन एसेट्स और इक्विटी में भी सुधार आया। पूंजीगत स्तर मजबूत रहा और अधिकांश बैंकों ने निर्धारित सीआरएआर से अधिक बनाए रखा। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार नियामकीय सुधार, कंसॉलिडेशन और बेहतर गवर्नेंस के चलते अर्बन कोऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर स्थिर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।