वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस एवं साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर कीर्तन समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शीश पर साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के पावन स्वरूप को धारण कर उसका आगमन एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया और उसे आसन पर विराजमान कराया। कार्यक्रम की शुरुआत कीर्तन, अरदास और गुरु वाणी के पाठ से हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है, जिनके मन में त्याग और बलिदान करने की इच्छाशक्ति होती है। भारत का इतिहास त्याग और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का साक्षी है। गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के साहिबजादों ने अत्यंत कम उम्र में देश और धर्म के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। अनेक प्रलोभन दिए जाने के बावजूद वे विचलित नहीं हुए और उनका बलिदान आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी महाराज ने मानवता के कल्याण के लिए बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे पाखंड के विरुद्ध आवाज उठाई। गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज ने देश और समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। जब हम स्वदेश और स्वधर्म को प्राथमिकता देते हैं, तब हमारी गति प्रगति की ओर जाती है और सिख गुरुओं का इतिहास इसी प्रगति का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णय से 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे चार साहिबजादों का बलिदान देश के प्रत्येक पाठ्यक्रम और जनमानस का हिस्सा बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रन्थ साहिब जी के समक्ष मत्था टेका, सिख संतों का सम्मान किया और लंगर छक कर सेवा व समर्पण की परंपरा को नमन किया।