वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आज़ादी के अमृत काल के अंतर्गत वीर बाल दिवस के अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में 26 दिसंबर 2025 को श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी के अद्वितीय साहस, बलिदान और धर्मनिष्ठा को स्मरण करने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम के संरक्षक विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल रहे, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से आयोजन गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संयोजक एवं अध्यक्ष प्रो. शिल्पी वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का अमर अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को सत्य, धर्म और मानव मूल्यों के लिए अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अल्प आयु में भी साहिबजादों ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय अपने आदर्शों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। कार्यक्रम के दौरान वीर बालकों के जीवन और त्याग पर आधारित फिल्म स्क्रीनिंग, विचार-गोष्ठी एवं संवाद सत्र आयोजित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि युवाओं में साहस, आत्मसम्मान, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम है। साहिबजादों का जीवन यह संदेश देता है कि सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए आयु नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प आवश्यक होता है।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने वीर साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।