वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वंदे मातरम् अतीत में भी प्रासंगिक रहा है, वर्तमान में भी उतना ही प्रासंगिक है और भविष्य में भी इसकी प्रासंगिकता बनी रहेगी। वह संस्कृति विभाग और दैनिक अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नदी के रिवर फ्रंट पर आयोजित “संगम” संस्कृतियों का महाकुंभ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं और आयोजकों को इसके लिए बधाई दी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति, पहनावा और खानपान की जो झलक देखने को मिली, वही एक भारत–श्रेष्ठ भारत की सच्ची तस्वीर है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी का है। अटल जी की सेवाएं और उनके विचार आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके भाषण और कविताएं जनमानस में सदैव जीवित रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अटल जी के सपनों के अनुरूप देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वंदे मातरम् पर संसद से लेकर विधानसभाओं तक व्यापक चर्चा हो चुकी है और यह राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया और राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को रेखांकित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तेजी से तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और सरकार सबका साथ–सबका विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। यही वंदे मातरम् की सच्ची भावना है।