वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
कानपुर नगर। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज कानपुर नगर के चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ग्रामश्री एवं क्राफ्टरूट्स प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देना, कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और नई पीढ़ी को भारतीय कला एवं संस्कृति से जोड़ना है।
राज्यपाल ने कहा कि हाथ से बनी वस्तुएं धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं, इन्हें संरक्षित करना हम सबका दायित्व है। यह प्रदर्शनी लोगों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि यहां खरीदारी करने से कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और यह हमारी धरोहर एवं विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। राज्यपाल ने आमजन से परिवार सहित प्रदर्शनी में आने और बच्चों को भारतीय कला से परिचित कराने का आग्रह किया, ताकि नई पीढ़ी पारंपरिक हस्तकला को सहेजने में अपनी भूमिका निभा सके।
इस अवसर पर राज्यपाल ने लोक संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान हेतु कश्मीर की सुश्री जाहिदा अमीन को ‘डी.लिट्’ की उपाधि से सम्मानित किया।
पांच दिवसीय यह प्रदर्शनी 4 से 8 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के 22 राज्यों से आए कारीगर अपनी 110 से अधिक पारंपरिक हस्तकलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें ओडिशा की पट्टचित्र पेंटिंग्स, राजस्थान की लाख की चूड़ियां और मिनिएचर पेंटिंग्स, उत्तर प्रदेश की कांच की कलाकृतियां, मध्य प्रदेश की बांस कला और कर्नाटक की चन्नपट्टना टॉयज विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। कारीगरों द्वारा लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनसे दर्शक कला निर्माण की बारीकियों को करीब से देख और समझ सकेंगे। प्रदर्शनी में उत्पादों की कीमतें 50 रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक हैं, ताकि सभी वर्गों के लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें।
इस अवसर पर ग्रामश्री एवं क्राफ्टरूट्स की संस्थापक अनार पटेल, विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, कुलपति प्रो. विनय पाठक और नगर आयुक्त सुधीर कुमार सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।