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CSIR – IITR का “अर्थ 2025” – विषविज्ञान और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के भविष्य की ओर अग्रसर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (CSIR – IITR) लखनऊ, 12 से 15 नवंबर 2025 तक “इमर्जिंग अप्रोचेज इन रिस्क एनालिसिस एंड ट्रांसलेशनल एस्पेक्ट्स ऑफ हेल्थ एंड एनवायरनमेंट (EARTH)” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय विषविज्ञान सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एक प्रेस वार्ता में निदेशक डॉ भास्कर नारायण ने बताया।
डॉ भास्कर नारायण ने आगे बताया कि हीरक जयंती के अवसर पर इस चार दिवसीय वैश्विक वैज्ञानिक सम्मेलन का उद्देश्य अग्रणी शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक साथ लाना है, ताकि पर्यावरणीय विषविज्ञान, मानव स्वास्थ्य एवं सतत विकास के बीच के अंतर को कम करने वाले अत्याधुनिक नवाचारों पर विचार-विमर्श किया जा सके। सम्मेलन में विविध वैज्ञानिक सत्र, मुख्य व्याख्यान, मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ, तथा उद्योग–शैक्षणिक–वित्त पोषण एजेंसी बैठकें शामिल होंगी, जो ज्ञान के आदान-प्रदान और साझेदारी निर्माण के लिए एक सहयोगात्मक मंच प्रदान करेंगी।
डॉ रवि राम ने बताया कि विषयगत सत्रों में निम्नलिखित का आयोजन किया जाएगा : –
पेट (पीईटी) – सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय विषविज्ञान: पर्यावरणीय प्रदूषकों और मानव स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर केंद्रित।
डीमैट (डीईएमएटी) – विषविज्ञान सुविधा का विकास और प्रबंधन: टॉक्सिकोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं की स्थापना और ऑप्टिमाइजेशन पर ज़ोर देना।
रेट (आरएटीई) – रिस्क अनालिसिस: तकनीकें और वर्तमान एवं उभरते जोखिम: स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिमों के मूल्यांकन और उन्हें कम करने के आधुनिक तरीकों पर केंद्रित।
डिपटॉक्स (डीआईपीटीओसएक्स) – डिजिटल इंटरफेसेज़ एवं भविष्यसूचक विषविज्ञान: भविष्यसूचक विषविज्ञान के लिए एआई-आधारित उपकरणों और कम्प्यूटेशनल मॉडलों की खोज।
अट्रैक्ट (एटीटीआरएसीटी) – विषविज्ञान में दक्षता के अनुसंधान उन्नयन के लिए एनालिटिकल टूल्स, टेक्निक्स और एसेज़, जो टॉक्सिकोलॉजिकल रिसर्च को आगे बढ़ाने वाली लेटेस्ट एनालिटिकल टेक्नोलॉजी और एसेज़ को दिखाते हैं।
सम्मेलन का उद्घाटन 12 नवंबर 2025 को CSIR – IITR लॉन में किया जाएगा। तत्पश्चात प्रोफेसर बिकाश आर. पटनायक, क्लिनिकल डायरेक्टर, विज़ुअल इलेक्ट्रोफिज़ियोलॉजी, मैडिसन, अमेरिका द्वारा मुख्य व्याख्यान दिया जाएगा। सत्र की अध्यक्षता डॉ. संजय कुमार, अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (AASRB), नई दिल्ली, और डॉ. सी. आनंदरामकृष्णन, निदेशक, CSIR-राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR – NIIST), तिरुवनंतपुरम द्वारा की जाएगी।
डॉ कौसर एम् अंसारी ने बताया कि यह आयोजन CSIR – IITR के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिनका मानना है कि “अर्थ 2025 का उद्देश्य एक बहुविषयी मंच तैयार करना है, जो वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नीतियों को एकीकृत कर सतत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय परिणामों को सुनिश्चित करे।”
विश्वभर के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योगों की प्रतिभागिता के साथ, अर्थ 2025 वैज्ञानिक सहयोग के लिए एक जीवंत मंच के रूप में कार्य करने हेतु तत्पर है, जो सभी के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण और सस्टेनेबल भविष्य के विज़न को आगे बढ़ाएगा। प्रेस वार्ता में डॉ अलोक पांडेय, डॉ विकास श्रीवास्तव, डॉ अंकुर गोयल एवं डॉ. के.सी. खुल्बे मौजूद थे।

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