वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज ‘विज़न इंडिया’ का प्रारूप प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश को विभाजनकारी और पुरातनपंथी ताकतों से बचाने के लिए नई सोच, सहिष्णुता और प्रगतिशील इरादों वाले युवा भारत को आगे लाना होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की सोच में प्रेम, सम्मान और समानता है, जो भविष्य के समावेशी भारत की नींव बनेगी।
प्रेस वार्ता में आज मंगलवार को अखिलेश एक नए रूप में दिखाई पड़े। उनकी सोच एक नए उज्जवल भविष्य की तरफ ले जाने वाली दिखी। आज प्रेस वार्ता में अखिलेश ने एक नए भारत का सपना देखते हुए दिखाई पड़े। श्री यादव ने बताया कि ‘विज़न इंडिया – स्टार्टअप समिट’ की पहली बैठक 16 नवम्बर 2025 को ताज बेंगलुरु (कर्नाटक) में होगी। इसके मुख्य समन्वयक सांसद राजीव राय तथा मुख्य संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. अभिषेक मिश्र होंगे।
उन्होंने बताया कि ‘विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप और एसेंट’ एक ऐसी पहल है जो नवाचार, साझेदारी और प्रगति के सिद्धांतों पर आधारित है। इस अभियान के तहत देशभर में सम्मेलन और सेमिनार आयोजित कर युवाओं, विशेषज्ञों और उद्यमियों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा ताकि भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं और समाधान तैयार किए जा सकें।
अखिलेश यादव ने कहा कि “प्लान” का उद्देश्य है देश के लिए सकारात्मक और यथार्थवादी भविष्य की रूपरेखा बनाना, “डेवलप” के माध्यम से संवाद और समाधान आधारित विकास को बढ़ावा देना, तथा “एसेंट” के जरिए नवाचार और तकनीकी ताकत से भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि इस पहल का लक्ष्य सामाजिक-मानसिक सशक्तीकरण, संतुलित वृद्धि और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, जिससे “सामाजिक न्याय के राज” की स्थापना हो सके।
पत्रकारों से बातचीत में श्री यादव ने कहा कि स्टार्टअप योजना की नींव समाजवादी सरकार ने रखी थी। उनके कार्यकाल में 20 लाख लैपटॉप वितरित किए गए, जिससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान मिला। एचसीएल जैसी कंपनियाँ यूपी में आईं, हजारों युवाओं को रोजगार मिला। डेयरी, खेल, पुलिस प्रशिक्षण, डायल-100, सौर ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार केवल भावनाओं से खेल रही है, जबकि वास्तविक विकास समाजवादी सोच से ही संभव है।
इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव, माता प्रसाद पाण्डेय, लाल बिहारी यादव, राजीव राय, बलराम यादव, अभिषेक मिश्र, राजेन्द्र चौधरी एवं श्याम लाल पाल, दुर्गा यादव, राम अचल राजभर, रविदास महरोत्रा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।