वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर एक स्मृति सभा आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ नेता बिजेंद्र सिंह ने किया। राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, सांसद तनुज पुनिया और राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित होकर बाबा साहब के व्यक्तित्व और योगदान पर चर्चा की।
स्मृति सभा को संबोधित करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संविधान की मूल भावना—समता, स्वतंत्रता और बंधुता—को मजबूत करने का संदेश देता है। उनके विचार आज के सामाजिक और लोकतांत्रिक परिवेश में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि बाबा साहब ने दलितों के अधिकार, शिक्षा, श्रमिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने आरक्षण, श्रम कानूनों और शिक्षा सुधारों के माध्यम से वंचित समुदायों को अवसर और सम्मान दिलाने की नई राह दिखाई। आराधना मिश्रा मोना ने अंबेडकर को सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों का महान पुरोधा बताते हुए कहा कि उन्होंने कमजोर वर्गों को सम्मान और पहचान दिलाने के लिए जीवन समर्पित किया।
कार्यक्रम में अखिलेश प्रताप सिंह, अनीस अंसारी, राजबहादुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए।