वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विश्व एड्स दिवस पर 1 दिसंबर को राजधानी में युवा चेतना का अनोखा संगम देखने को मिला, जब लगभग 2500 छात्र–छात्राओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर से हजरतगंज तक आयोजित वॉकथॉन (walkathon) में भाग लेकर एचआईवी–एड्स उन्मूलन का सामूहिक संदेश दिया। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की इस पहल में राष्ट्रीय सेवा योजना और एनसीसी से जुड़े विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी हाथों में जागरूकता तख्तियां, झंडे और संदेशपरक स्लोगन लिए पूरे जोश से कदमताल करते दिखाई दिए।
वॉकथॉन को अपर परियोजना निदेशक रविंद्र कुमार आईएएस और लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मार्ग के दौरान केडी सिंह बाबू स्टेडियम, परिवर्तन चौक और हजरतगंज चौराहे पर आम नागरिकों की भारी भीड़ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी मुहिम की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान रविंद्र कुमार ने समाज में व्याप्त भ्रांतियों को समाप्त करने, समान अधिकार और सम्मान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जागरूक युवा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम हैं। इसके बाद जादूगर मुन्ना एंड पार्टी के जादुई मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए मनोरंजन के साथ–साथ एड्स से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास किया गया।
मुख्य अतिथि मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एंटी–रेट्रोवायरल उपचार के चलते अब एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति भी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं और समाज को संवेदनशील व जागरूक बनाने में सामूहिक हिस्सेदारी सबसे जरूरी है। युवाओं की यह विशाल भागीदारी शहर में आशा, संवेदना और जागरूकता की नई लहर बनकर उभरी।
उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ गीता अग्रवाल, दिनेश सिंह, डॉ संजय सोलंकी, अनुज दीक्षित, डॉ अमरेंद्र सिंह, पवन चंदेल, नरेंद्र सिंह सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।