– बुद्धेश्वर महादेव मंदिर हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक, इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारीः मंत्री जयवीर सिंह
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आलमनगर के मोहान रोड स्थित प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को आधुनिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और भक्त सुविधाओं के विस्तार के लिए 2.31 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने लोक भवन स्थित प्रेस वार्ता में बताया कि योजना के तहत नया ग्रेनाइट मार्ग, मुख्य प्रवेश द्वार का नव निर्माण और संरचनात्मक मजबूती के लिए रिटेनिंग वॉल तैयार की जा रही है। नया मार्ग लगभग अंतिम रूप में है, जिससे परिक्रमा और दर्शन की आवाजाही अधिक सुगम होगी। रिटेनिंग वॉल का निर्माण परिसर को कटाव से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बड़ा प्रवेश द्वार तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं का स्वागत अधिक व्यवस्थित और भव्य रूप में होगा।
मंत्री ने कहा कि बुद्धेश्वर महादेव मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि लखनऊ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। भस्मासुर और त्रेतायुग की कथाओं से जुड़ी यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना सरकार का दायित्व है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से सशक्त बनाना योगी सरकार की प्राथमिकता में है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है और इसमें सीता-लक्ष्मण द्वारा जलाभिषेक का त्रेतायुगीन संदर्भ भी जुड़ा माना जाता है। महाशिवरात्रि पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है और यह स्थल हजारों भक्तों की सामूहिक चेतना का हिस्सा है। minister Jayveer Singh ने दोहराया कि परियोजना का लक्ष्य भक्तों को आधुनिक अनुभव के साथ इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक गर्व की अनुभूति कराना है। इस पहल से बुद्धेश्वर महादेव कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान के साथ उभरने की तैयारी में है।