वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश की भारतीय महिला पेंगा वांगजोम को हवाई यात्रा के दौरान जबरन हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महिला को तीन घंटे तक रोके रखना भारत–चीन के पूर्व समझौतों का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर अपमान है। तिवारी ने आरोप लगाया कि चीनी आव्रजन अधिकारियों ने महिला को सिर्फ इसलिए अवैधानिक रूप से परेशान किया, क्योंकि उसके वीजा–पासपोर्ट पर दर्ज पता अरुणाचल प्रदेश का था, जिसे चीन मनमाने ढंग से नकारने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने दोहराया कि पूरी दुनिया यह जानती और मानती है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और निर्विवाद अंग है, ऐसे में चीन की यह हरकत अक्षम्य और पूरी तरह अस्वीकार्य है।
इस मुद्दे पर तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया और कहा कि चीन के लगातार प्रतिकूल रवैये के बावजूद प्रधानमंत्री कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराने में असफल नजर आते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा सरकार को चीन के समक्ष उसी दृढ़ता और साहस के साथ पेश आना चाहिए, जैसा इंदिरा गांधी के कार्यकाल में देखा गया था।
सांसद ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी केंद्र और दिल्ली की भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह गहरी चिंता का विषय है कि राष्ट्रीय राजधानी प्रदूषण के मामले में सबसे अधिक प्रभावित शहर बन चुकी है। उन्होंने चेताया कि संयुक्त राष्ट्र के वायु गुणवत्ता मानकों से कई गुना अधिक स्तर पर पहुंच चुका प्रदूषण हालात को भयावह बना रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर संकट पैदा हुआ है।
संविधान दिवस के अवसर पर भी उन्होंने सरकार पर प्रहार जारी रखते हुए दावा किया कि सरकार, चुनाव आयोग से समन्वय कर विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के जरिए मताधिकार को बाधित करने की कोशिश कर रही है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस संसद सत्र में SIR के माध्यम से वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाएगी। यह सत्र सीमा सुरक्षा से लेकर पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों तक पर तीखी बहस का गवाह बन सकता है।