वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) पर दबाव बनाया जा रहा है। राय ने दावा किया कि दबाव और शोषण के कारण बीएलओ आत्महत्या जैसे कदम तक उठा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
ज्ञात हो की कफ सिरप प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि बनारस में अवैध कफ सिरप का रैकेट तेजी से फल-फूल रहा है, जिसमें ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी के अधिकारी नरेश मोहन की भूमिका संदिग्ध है। राय ने मुख्य आरोपी की संपत्ति की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने एफआईआर को लेकर भी भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि 15 नवंबर को दर्ज एफआईआर में आरोपी शुभम जायसवाल और भोला प्रसाद समेत 28 नामजद का पूरा विवरण था, जबकि 19 नवंबर को हुई दूसरी एफआईआर में पिता का नाम और पता अज्ञात कर दिया गया। उन्होंने इसे सत्ता के दबाव में दर्ज दस्तावेजों से छेड़छाड़ जैसा बताया। राय ने अधिकारियों की जीवनशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों की शर्ट, महंगे जूते और फॉर्च्यूनर, रेंज रोवर जैसी गाड़ियों में घूमने वाले अफसरों के पास इतनी संपत्ति आखिर कहां से आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यालय से कांग्रेस साथी अमित पाठक को झूठे लूट के मामले में उठाया गया, केवल उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री माफियाओं को जमीन से निकालने की बात करते हैं, लेकिन अब वही मशीनें और कार्रवाई कहां हैं, जब असली जांच की जरूरत बनारस में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न्यायसंगत मांग को राजनीतिक बदले की भेंट चढ़ाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।