वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। राज्य संग्रहालय लखनऊ और संस्कृत विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा विश्व धरोहर सप्ताह (19–25 नवंबर 2025) के अंतर्गत शुक्रवार को विश्वविद्यालय स्तरीय कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ आर्ट, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, ललित कला अकादमी, टेक्नो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस सहित विभिन्न संस्थानों के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एक्रेलिक रंगों के माध्यम से भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को कैनवास पर उकेरा। रचनाओं में आगरा का किला, रूमी दरवाजा, अशोक स्तंभ शीर्ष, कुतुब मीनार, कोणार्क मंदिर, इंडिया गेट, सांची स्तूप, लोटस टेंपल, कथकली नृत्य तथा मूर्त-अमूर्त कलाओं के विभिन्न रूप विशेष रूप से दिखाई दिए। छात्रों की कल्पनाशीलता और प्रस्तुति ने भारतीय विरासत की विविधता और समृद्धि को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्य संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह, सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका, सुश्री अलसाज फातमी, श्रीमती मंजू त्रिवेदी, श्री प्रमोद कुमार, श्री धनंजय कुमार राय, श्रीमती शशि कला राय, श्रीमती गायत्री गुप्ता, श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव, श्री राहुल सैनी, श्री अनुराग द्विवेदी, अरुण कुमार मिश्रा, सत्यपाल शर्मा, संजय कुमार, परवेज खान, सुरेश कुमार रावत और अमरेश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने कला, धरोहर और युवा रचनात्मकता के समन्वय का प्रभावी संदेश दिया।