– मनरेगा परियोजनाओं पर होगी कड़ी निगरानी, SQM करेंगे दो चरणों में जांच
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मनरेगा योजनांतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी कार्यों में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए और निर्माण सामग्री की जांच हर स्तर पर की जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में मनरेगा के तहत निर्मित एवं निर्माणाधीन परिसंपत्तियों की गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट क्वालिटी मॉनिटर (SQM) तैनात किए गए हैं, जो दो चरणों—निर्माण के दौरान और निर्माण पूर्ण होने के बाद—में निरीक्षण करते हैं। शासन ने सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं, जिनके अनुपालन के निर्देश सभी मुख्य विकास अधिकारियों, परियोजना निदेशकों, उपायुक्त (श्रम रोजगार) और उपायुक्त मनरेगा को दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा। SQM द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए जाने वाले सुधारात्मक सुझावों का अनुपालन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो, ताकि मनरेगा के तहत बनने वाली परिसंपत्तियां टिकाऊ और उपयोगी साबित हों।