— यूपी के एग्जिट पोल को बताया बेईमानी का औजार, कहा— सरकार न किसानों की सुन रही, न विकास की सोच रही
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नकल करने में माहिर है, पर काम के नाम पर सिर्फ प्रचार करती है। “कभी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का प्रचार होगा, तो कभी यूनेस्को में किसी चीज़ का नाम दर्ज कराने की बात। लेकिन लखनऊ के असली खानपान और परंपरा की पहचान पर कोई बात नहीं करता,” उन्होंने कहा।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी है। “मंडियां चौपट हैं, खाद और जमीन की लूट हो रही है। सरकार केवल कम्युनल एजेंडा चलाकर लोगों को बांटने में लगी है,” उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सबको साथ लेकर चलना चाहती है, लेकिन सरकार इंसानियत और अमन-चैन की राह से भटक गई है। एसआईआर में आधार की मान्यता के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी पार्टी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार विकास के प्रति गंभीर होती तो एक्सप्रेस-वे को बलिया तक जोड़ देती। उन्होंने चीन से आयात पर टैरिफ नहीं लगाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “ये लोग स्वदेशी का चूर्ण खिला रहे हैं, पर मन से विदेशी हैं। अगर स्वदेशी के इतने हिमायती हैं तो चीन पर टैरिफ क्यों नहीं लगा रहे?”
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा, “एग्जिट पोल सिर्फ भूमिका तैयार करते हैं ताकि भाजपा बेईमानी कर सके। यूपी के एग्जिट पोल में भी हमें हराया दिखाया गया था, पर सच्चाई अलग निकली। भाजपा एग्जिट पोल और मीडिया के जरिए नैरेटिव सेट करती है।” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार जनता को सिर्फ प्रचार और झूठ के सहारे चला रही है, जबकि सच्चाई यह है कि “ये सरकार खुद दुखी है और लोगों को भी दुखी रखना चाहती है।”