– विज्ञान का उद्देश्य समाज का विकास
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। सीएसआईआर–भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–आईआईटीआर) के 61वें स्थापना दिवस पर 4 नवम्बर 2025 को 29वां प्रो. एस. एच. ज़ैदी स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आईआईटीआर डायमंड जुबिली इलोक्यूशन एड्रेस (IDEA) श्रृंखला का हिस्सा था। इस वर्ष का व्याख्यान एमिटी साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति डॉ. डब्ल्यू. सेल्वमूर्ति ने प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरक व्याख्यान में डॉ. सेल्वमूर्ति ने कहा कि प्रयोगशालाओं में किया गया शोध तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज तक पहुँचे। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी और मांग आधारित अनुसंधान पर ध्यान दें ताकि स्थानीय और राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान संभव हो। उन्होंने कहा कि विज्ञान और समाज के बीच की दूरी कम करना ही सच्चे विकास का मार्ग है और विज्ञान को सतत आर्थिक प्रगति का प्रेरक बनना चाहिए। भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खाद्य, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरित ऊर्जा, जैव-औषधि, स्वदेशी उपकरण निर्माण और परिपत्र अर्थव्यवस्था में उत्कृष्टता से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम में सीएसआईआर–आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण ने प्रो. एस. एच. ज़ैदी के योगदान को याद किया और डॉ. सेल्वमूर्ति के विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि श्री एल. वेंकटेश्वरलु, आईएएस, अपर मुख्य सचिव (सामाजिक कल्याण), उत्तर प्रदेश ने वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर सीएसआईआर महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट, वायु गुणवत्ता सर्वेक्षण रिपोर्ट और अन्य प्रकाशनों का विमोचन किया गया तथा आईआईटी कानपुर और सीएसआईआर–आईआईटीआर के बीच शैक्षणिक समझौता भी संपन्न हुआ।