वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में विभिन्न सरकारी और अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विकास कार्यों से जुड़े प्रतिभागियों को दक्ष बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण और अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन में 3 से 5 नवम्बर तक दो प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इनमें 95 शिक्षकों के लिए ‘लर्निंग बाई डूइंग’ विषयक प्रशिक्षण और 102 ब्लॉक एवं जिला मिशन प्रबंधकों के लिए ‘सीबीओ का लोकोस पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन’ विषयक प्रशिक्षण शामिल है। मंगलवार को बुद्धा सभागार में मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित संयुक्त सत्र में नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक भूपेंद्र सिंह और डॉ. स्नेहिल ने ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की तकनीकी जानकारी दी। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशिक्षक प्रशांत दूबे ने व्यवहारिक विधि से ‘लर्निंग बाई डूइंग’ का महत्व समझाया।
महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के माध्यम से कार्यों को अनुशासन, नैतिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निष्पादित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक का योगदान आवश्यक है और समाज में अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना ही प्रगति का आधार है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नवीन कुमार सिन्हा ने किया। आयोजन में डॉ. नीरजा गुप्ता, डॉ. राज किशोर यादव, डॉ. सीमा राठौर सहित संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।