वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। केन्द्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), लखनऊ द्वारा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित पाँच दिवसीय प्रचार प्रसार कार्यक्रम का दूसरा दिन ‘नारी शक्ति तथा महिला एवं बाल विकास’ के विषय को समर्पित रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने महिलाओं की समान भागीदारी और सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की नींव बताया।
कार्यक्रम की अतिथि स्क्वाड्रन लीडर डॉ. तूलिका रानी ने रक्षा सेवाओं में महिलाओं के बढ़ते अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि “महिला और पुरुष एक-दूसरे के विपरीत नहीं, बल्कि पूरक हैं।” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महिला शक्ति की भूमिका का उल्लेख कर बताया कि सशक्त नारी किसी भी परिस्थिति में देश का गौरव बढ़ा सकती है। वन स्टॉप सेंटर लखनऊ की प्रभारी अर्चना सिंह ने कहा कि इन केन्द्रों का उद्देश्य महिलाओं को उद्योग, रोजगार और सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि
इनसे समाज में महिलाओं की स्थिति और मजबूत हो रही है।
युवा उद्यमी डॉ. हिमानी श्रीवास्तव ने आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने अपने सफल खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय का उदाहरण देते हुए कहा कि “जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर रूप से सुनिश्चित कर पाती है।”
कार्यक्रम के शुभारंभ पर सीबीसी निदेशक मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं। कार्यक्रम में छात्राओं के लिए भाषण, मेहंदी, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ हुईं। दिन भर चले सांस्कृतिक आयोजनों में भोजपुरी लोकगीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। ‘नारी शक्ति’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित 80 से अधिक पैनलों वाली चित्र प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग, अधिकारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
इस मौके पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी जय सिंह, लक्ष्मण शर्मा, अमन त्रिपाठी, प्रेम सिंह नेगी, जितेंद्र पाल सिंह और विश्वविद्यालय के डॉ यशवंत विरोदय, प्रोफेसर, डॉ कौशिकी सिंह, सह आचार्य, डॉ रंजीत सिंह, डॉ सुधा सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।