वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्तापरक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सतत प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य अधोमानक, नकली, मिथ्याछाप और अपमिश्रित औषधियों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि विभाग आमजन से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कहीं भी अधोमानक या नकली औषधियों के निर्माण अथवा विक्रय की जानकारी मिलती है, जिससे जनस्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, तो वह ऐसी सूचना गोपनीय रूप से व्हाट्सऐप नंबर 8756128434 पर संदेश भेजकर साझा कर सकता है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं पर त्वरित और प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त विधिक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में औषधि निर्माण और विक्रय से जुड़ी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आमजन में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता भी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।