– गोरक्षपीठ की परंपरा का निर्वहन, गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धा और स्नेह का संगम
– कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने
– दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन कर मातृ शक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। उन्होंने नौ दुर्गा स्वरूपा बालिकाओं और बटुकों के पांव पखारे, विधि-विधान से पूजन किया, चुनरी ओढ़ाई, आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। इस दौरान सीएम योगी ने दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद भी लिया।
मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने पीतल के परात में जल से नौ कन्याओं के पांव धोए और दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच तिलक कर पुष्प एवं दुर्वा से अभिषेक किया। चुनरी और माला पहनाकर उनका सत्कार किया गया। इस अवसर पर उन्होंने एक छह माह की बच्ची का भी पूजन किया और आशीर्वाद लिया। साथ ही हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को तिलक कर अंगवस्त्र ओढ़ाया। कन्या पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में बने प्रसाद का भोजन परोसा। वे निरंतर संवाद करते रहे और यह भी सुनिश्चित किया कि किसी बालक या बालिका की थाली में प्रसाद की कमी न रहे। इस स्नेहपूर्ण सत्कार से बालिकाएं प्रसन्न और प्रफुल्लित दिखाई दीं।
कार्यक्रम में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा समेत अन्य संत-महंत मौजूद रहे। इससे पहले सुबह के पूजन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधिविधान से आराधना की।गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप हर वर्ष होने वाला यह आयोजन मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसे मुख्यमंत्री योगी ने अपने व्यवहार से और अधिक प्रकट किया।