वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल ने नशा मुक्त युवा और विकसित भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान गुजरात और बिहार जैसी राज्य सरकारों द्वारा लागू शराबबंदी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में नशा मुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रयास है। भारतखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय की सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूज्य संत चैतन्य जी महाराज, विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप और बजरंग दल के क्षेत्र संयोजक पूर्णेन्दु उपस्थित रहे।
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दिनोरिया ने कार्यक्रम में कहा कि नशा युवाओं को उनके लक्ष्य की प्राप्ति से दूर करता है और इसी कारण राष्ट्र का विकास प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत जनजागरण से होगी। इसके बाद खेल-कूद, पर्यावरण और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्त युवाओं को तैयार किया जाएगा।
दिनोरिया ने कहा कि ड्रग्स और शराब का नशा विदेशी ताकतों द्वारा देश में फैलाया गया है, जबकि शराब और एल्कोहल आसानी से राज्यों में उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य द्वारा राजस्व कमाने के लिए युवाओं को बर्बाद किया जा रहा है तो यह स्वीकार्य नहीं है। गुजरात और बिहार में लागू शराबबंदी के उदाहरण को देते हुए उन्होंने केंद्र और अन्य राज्य सरकारों से देशव्यापी शराबबंदी का आह्वान किया। इसके अलावा, उन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने, गरबा पंडालों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और गैर हिंदू व्यक्तियों की जिहादी गतिविधियों से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
धर्मांतरण कानून पर बात करते हुए दिनोरिया ने राजस्थान सरकार की सराहना की और कहा कि धर्मांतरण राष्ट्रीय एकता और विचारधारा के लिए खतरा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के कथन का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का धर्मांतरण राष्ट्रांतरण के समान है।
विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र ने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए और बजरंग दल का संकल्प है कि नशा मुक्ति अभियान लगातार पांच वर्ष तक चलेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और मंदिरों के आसपास शराब और मांस की दुकानों पर सख्ती से नियंत्रण होना चाहिए और छोटे बच्चों को नशे से बचने की शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रम में भी नशामुक्ति संबंधित विषय शामिल किए जाएं ताकि आने वाली पीढ़ी नशे से दूर रहते हुए स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बन सके।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत मंत्री देवेंद्र, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र विक्रम सिंह, प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र, प्रांत विधि प्रमुख संजय, लखनऊ विभाग के जिला मंत्री धीरज सोनकर, अमित श्रीवास्तव, जिला संयोजक नरेंद्र परमार, अखंड प्रताप, विभाग सहसंयोजक अमरेंद्र, संगठन मंत्री समरेंद्र, जिला उपाध्यक्ष समरेंद्र और जिला सह प्रचार प्रमुख जसवंत उपस्थित रहे।