वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार और रविवार को दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे। उनका यह दौरा जिले में विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं की सौगात देने के उद्देश्य से था। शनिवार की रात मुख्यमंत्री योगी ने मां पाटेश्वरी मंदिर में रात्रि विश्राम किया और मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नवरात्रि मेले की तैयारियों की जानकारी भी ली। रविवार की
सुबह मुख्यमंत्री योगी ने तुलसीपुर स्थित देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन-अर्चन किए तथा मां की आरती में सम्मिलित होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और स्वस्थ्य वातावरण की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में गोशाला का दौरा किया और गायों को गुड़ और चारा खिलाया। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों से बातचीत करते हुए उन्हें चॉकलेट भी दी और पढ़ाई में मन लगाने की सीख दी। मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी और कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री योगी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने जिले में 825.29 करोड़ रुपये की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन विकास, सेतु निर्माण, परिवहन और अन्य विकास कार्य शामिल हैं। साथ ही राजकीय पालीटेक्निक का लोकार्पण किया गया और ट्रांजिट हॉस्टल, राजकीय आईटीआई बेलीकला तुलसीपुर तथा विशुनपुर में 100-100 सीट महिला और पुरुष छात्रावास का उद्घाटन किया गया।
योगी ने बलरामपुर के जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह सौगातें जिले के समग्र विकास और लोगों की भलाई के लिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब, मध्यम और समृद्ध वर्ग सभी के लिए सुविधाओं को सरल और सुलभ बनाना है। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे और मुख्यमंत्री की बातों को सुनने के लिए उमड़ पड़े। लोग अपने-अपने क्षेत्रों में हो रही विकास कार्यों और नई परियोजनाओं के लोकार्पण से खुश नजर आए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने जनता से संवाद किया, उनकी समस्याओं को जाना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले में निवेश और विकास के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोगों ने मुख्यमंत्री के स्वागत में उत्साहपूर्वक भाग लिया और उनके मार्गदर्शन और सौगातों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। बलरामपुर दौरा योगी के प्रशासनिक दृष्टिकोण और विकास प्राथमिकताओं का परिचायक रहा, जिसमें जनहित और सार्वजनिक कल्याण के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।