वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय का 68वाँ दीक्षान्त समारोह बुधवार को कला संकाय प्रांगण में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के पूर्व महानिदेशक डॉ. शेखर सी. माण्डे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षान्त केवल डिग्री का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को गौरवान्वित किया है और उसकी उपलब्धियाँ अन्य विश्वविद्यालयों के लिए मिसाल हैं। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और पदक का उपयोग समाज व राष्ट्रहित में करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में कई विश्वविद्यालयों को ए प्लस और ए डबल प्लस ग्रेडिंग मिली है और एनआईआरएफ रैंकिंग में भी निरंतर सुधार हुआ है।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि उपाधि और पदक का सही उपयोग ही विद्यार्थियों की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा का केंद्र बनता जा रहा है और यहाँ विदेशी विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता सुधार का भी उल्लेख किया और कहा कि शिक्षा की मजबूत नींव जमीनी स्तर से रखी जा रही है।
समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी उपाधि और पदक प्राप्त विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।